Rangwali Holi 2021 Date: रंगवाली होली या धुलेंडी कब है? जानिए कैसे मनाया जाता है ये पर्व

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Rangwali Holi 2021

Rangwali Holi, Dhulandi 2021 Date in India: रंगवाली होली इस बार 29 मार्च को मनाई जाएगी। इसे धुलेंडी नाम से भी जाना जाता है। होलिका दहन के अगले दिन रंगों का त्योहार होली खेला जाता है। ज्योतिषियों की माने तो इस बार कई खास योगों की वजह से ये त्योहार शुभ फलदायी रहेगा। होली का पर्व बसंत के आगमन की खुशियों के रूप में मनाया जाता है। बसंत ऋतु में प्रकृति में फैली रंगों की छटा को ही रंगों के रूप में खेलकर दर्शाया जाता है।

कैसे मनाते हैं होली?

कैसे मनाते हैं होली? होली Holi त्योहार की कुछ दिन पहले ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लोग घरों में तरह तरह के पकवान इस दिन के लिए बनाकर रखते हैं। होली की सबसे फेमस डिश है गुजिया। साथ ही होली के दिन लोग दही बड़े और अलग-अलग तरह के स्वादिष्ट पकवान बनाते हैं। सुबह होली खेलने के बाद दोपहर में लजीज व्यंजनों का आनंद लिया जाता है। होली वाले दिन लोग एक-दूसरे के घर जाकर रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हैं। होली पुराने गिले-शिकवों को भुलाने का दिन है।

कैसे शुरू हुआ ये त्योहार?

कैसे शुरू हुआ ये त्योहार? माना जाता है कि अबीर और गुलाल से होली खेलने का रिवाज बहुत पुराना है। पौराणिक कथाओं अनुसार रंग-गुलाल की यह परंपरा राधा और कृष्ण से शुरु हुई थी। कहते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण बाल उम्र में माता यशोदा से अपने सांवले रंग की शिकायत किया करते थे। वे कहते थे कि मां राधा इतनी सुंदर और गोरी है और मैं इतना काला क्‍यों हूं? माता यशोदा ने भगवान श्रीकृष्‍ण को प्रसन्न करने के लिए सुझाव दिया कि वह राधा को जिस रंग में देखना चाहते हैं उसी रंग से राधा को रंग दें। भगवान श्रीकृष्‍ण को अपनी माता का ये सुझाव पसंद आया। स्वभाव से चंचल और नटखट श्री कृष्ण ने राधा को कई रंगों से रंग दिया और श्री अपने मित्रों के साथ उन्होंने गोपियों को भी जमकर रंग लगाया। माना जाता है, कि इसी दिन से होली Holi पर रंग खेलने की परंपरा शुरु हो गई।

पूरे भारत में होली है मशहूर

पूरे भारत में होली है मशहूर: भारत में अलग-अलग राज्यों में भिन्न-भिन्न तरीके से होली का पर्व मनाया जाता है। चूंकि यह प्रसंग राधा-कृष्ण से जुड़ा हुआ माना जाता है इसलिए मथुरा, वृंदावन और बरसाने में इस पर्व की शोभा देखने लायक होती है। यहां पर होली काफी दिन पहले ही शुरू हो जाती है। जिसमें अलग-अलग तरीकों से होली मनाई जाती है। कहीं लट्ठमार होली तो कहीं फूलों से भी होली खेली जाती है।